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mahabharat 13.99.d50: शास्त्रों के सिद्धांतों में पारंगत सुसंस्कृत पुरुष संन्यास को चारों आश्रमों में सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.99.d50 
आश्रमाणां तु सर्वेषां चतुर्णां भिक्षुकाश्रमम्।
प्रधानमिति मन्यन्ते शिष्टा: शास्त्रविनिश्चये॥
 
 
अनुवाद
शास्त्रों के सिद्धांतों में पारंगत सुसंस्कृत पुरुष संन्यास को चारों आश्रमों में सबसे महत्वपूर्ण मानते हैं।
 
The cultured men well versed in the principles of the scriptures consider Sannyasa to be the most important among the four ashrams.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)