Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d41: यदि दांतों में खाना फंस गया हो तो स्वयं को अशुद्ध समझकर पुनः कुल्ला कर लें, यही स्वच्छता का उपाय है। किसी भी वस्तु की शुद्धि के लिए उस पर जल छिड़कना भी कर्तव्य माना गया है। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि दांतों में खाना फंस गया हो तो स्वयं को अशुद्ध समझकर पुनः कुल्ला कर लें, यही स्वच्छता का उपाय है। किसी भी वस्तु की शुद्धि के लिए उस पर जल छिड़कना भी कर्तव्य माना गया है।
If there is food stuck in the teeth, then consider yourself impure and rinse your mouth again, this is the method of cleanliness. Sprinkling water on any object for its purification is also considered a duty.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥