Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d39-d40: वह अपने दोनों चरणों पर जो जल डालते हैं, उससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। आचमन करने वाले व्यक्ति को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके अपने घुटने के अंदर हाथ रखकर जल को स्पर्श करना चाहिए। भोजन आदि सभी अवसरों पर आचमन करने की यही विधि है। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वह अपने दोनों चरणों पर जो जल डालते हैं, उससे भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं। आचमन करने वाले व्यक्ति को पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके अपने घुटने के अंदर हाथ रखकर जल को स्पर्श करना चाहिए। भोजन आदि सभी अवसरों पर आचमन करने की यही विधि है।
The water that he pours on both his feet pleases Lord Vishnu. The person doing the achamana should face the east or north and touch the water by placing his hand inside his knee. This is the method of doing achamana on all occasions like meals etc.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥