Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d36: पहली बार जब चेहरा धोया जाता है तो अथर्ववेद संतुष्ट होता है और दूसरी बार जब इतिहास, पुराण और स्मृतियों के अधिष्ठाता देवता संतुष्ट होते हैं। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
मृज्यते प्रथमं तेन अथर्वा प्रीतिमाप्नुयात्॥
द्वितीयेनेतिहासं च पुराणस्मृतिदेवता:।
अनुवाद
पहली बार जब चेहरा धोया जाता है तो अथर्ववेद संतुष्ट होता है और दूसरी बार जब इतिहास, पुराण और स्मृतियों के अधिष्ठाता देवता संतुष्ट होते हैं।
The first time the face is washed, the Atharvaveda is satisfied and the second time the presiding deity of the history, Puranas and Smritis is satisfied.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥