Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d23: जब तक शौच का कार्य समाप्त न हो जाए, तब तक कुछ न बोलें, अर्थात मौन रहें। शौच का कार्य पूर्ण होने के बाद भी कुल्ला करके निकलते समय मौन रहें। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
असमाप्ते तथा शौचे न वाचं किंचिदीरयेत्।
कृतकृत्यस्तथाऽऽचम्य गच्छन्नोदीरयेद् वच:॥
अनुवाद
जब तक शौच का कार्य समाप्त न हो जाए, तब तक कुछ न बोलें, अर्थात मौन रहें। शौच का कार्य पूर्ण होने के बाद भी कुल्ला करके निकलते समय मौन रहें।
Until the toilet work is over, do not speak anything, i.e. remain silent. Even after completing the toilet work, remain silent while leaving after rinsing the mouth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥