Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d22: यदि दिन हो तो उत्तर दिशा की ओर मुख करके मल-मूत्र त्याग करना चाहिए और यदि रात हो तो दक्षिण दिशा की ओर मुख करके मल-मूत्र त्याग करना चाहिए। मल-मूत्र त्याग करने से पहले भूमि को पुआल आदि से ढक देना चाहिए तथा सिर को कपड़े से ढककर रखना भी उचित है। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
यदि दिन हो तो उत्तर दिशा की ओर मुख करके मल-मूत्र त्याग करना चाहिए और यदि रात हो तो दक्षिण दिशा की ओर मुख करके मल-मूत्र त्याग करना चाहिए। मल-मूत्र त्याग करने से पहले भूमि को पुआल आदि से ढक देना चाहिए तथा सिर को कपड़े से ढककर रखना भी उचित है।
If it is daytime, one should pass stools or urine facing north and if it is night, one should pass stools or urine facing south. Before passing stools, the ground should be covered with straw etc. and it is also advisable to keep one's head covered with a cloth.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥