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श्लोक  13.99.d2 
के च शुश्रूषया लोका विहिता भरतर्षभ।
शूद्राणां भरतश्रेष्ठ ब्रूहि मे धर्मलक्षणम्॥
 
 
अनुवाद
भारतभूषण! भारतरत्न! द्विजों की सेवा करके शूद्रों को कौन-से लोक प्राप्त करने को कहा गया है? मुझे धर्म के लक्षण बताइए।
 
Bharatbhushan! Bharatratna! Which worlds have Shudras been told to attain by serving Dwijas? Tell me the characteristics of religion.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)