Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.99.d17: जो लोग विशेष रूप से शौचकर्म करना चाहते हैं, उनके लिए मैं शौचसंबंधी समस्त प्रयोजनों का वर्णन करता हूँ। तत्वज्ञानी विद्वानों ने शास्त्रों में महाशौच आदि का प्रत्यक्ष विधान देखा है। | mahabharat अध्याय 13.99: सेवासे शूद्रोंकी परम गति, शौचाचार, सदाचार तथा वर्णधर्मका कथन एवं संन्यासियोंके धर्मोंका वर्णन और उससे उनको परम गतिकी प्राप्ति । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो लोग विशेष रूप से शौचकर्म करना चाहते हैं, उनके लिए मैं शौचसंबंधी समस्त प्रयोजनों का वर्णन करता हूँ। तत्वज्ञानी विद्वानों ने शास्त्रों में महाशौच आदि का प्रत्यक्ष विधान देखा है।
For those who specifically want to do toilet work, I describe all the toilet related purposes. Philosophical scholars have directly seen the provisions of Mahasauchha etc. in the scriptures.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥