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अथ त्वेवं न शक्नोति कर्तुं हृदयधारणम्॥
यथासांख्यमुपासीत यथावद् योगमास्थित:।
अनुवाद
यदि आप इस प्रकार ध्यान और हृदय में ध्यान नहीं कर पाते हैं तो योग का उचित रूप में सहारा लें और सांख्य शास्त्र के अनुसार उपासना करें।
If you are not able to meditate and meditate in the heart in this way, then take the help of yoga in its proper form and worship according to Sankhya Shastra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥