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गतिं चाप्यशुभां गच्छेन्निरयाय न संशय:।
प्रक्षीयते तस्य पुण्यं ज्ञानमस्य विरुध्यते॥
अनुवाद
इसमें कोई संदेह नहीं कि उसे नरक में जाने के लिए अशुभ मार्ग अपनाना पड़ेगा। उसके पुण्य कर्म नष्ट हो जाएंगे और उसका ज्ञान अज्ञान में बदल जाएगा।
There is no doubt that he will have to follow an inauspicious path to go to hell. His good deeds will be destroyed and his knowledge will turn into ignorance.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥