Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.98.8: भीष्म कहते हैं - राजन ! सूर्यदेव के ये वचन सुनकर भगवान जमदग्नि हँसे और उनसे बोले - 'सूर्यदेव ! अब आपको भयभीत नहीं होना चाहिए; क्योंकि आप मेरी शरण में आ चुके हैं। | mahabharat अध्याय 13.98: छत्र और उपानहकी उत्पत्ति एवं दानकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
तत: प्रहस्य भगवान् जमदग्निरुवाच तम्।
न भी: सूर्य त्वया कार्या प्रणिपातगतो ह्यसि॥ ८॥
अनुवाद
भीष्म कहते हैं - राजन ! सूर्यदेव के ये वचन सुनकर भगवान जमदग्नि हँसे और उनसे बोले - 'सूर्यदेव ! अब आपको भयभीत नहीं होना चाहिए; क्योंकि आप मेरी शरण में आ चुके हैं।
Bhishma says - King! On hearing these words of the Sun God, Lord Jamadagni laughed and said to him - 'Sun God! Now you should not be afraid; because you have surrendered to me.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥