Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.98.15: आज से ये दोनों वस्तुएँ इस संसार में प्रचलित होंगी और सभी पुण्य के अवसरों पर इनका दान उत्तम एवं अक्षय फल देने वाला होगा ॥15॥ | mahabharat अध्याय 13.98: छत्र और उपानहकी उत्पत्ति एवं दानकी प्रशंसा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अद्यप्रभृति चैवेह लोके सम्प्रचरिष्यति।
पुण्यकेषु च सर्वेषु परमक्षय्यमेव च॥ १५॥
अनुवाद
आज से ये दोनों वस्तुएँ इस संसार में प्रचलित होंगी और सभी पुण्य के अवसरों पर इनका दान उत्तम एवं अक्षय फल देने वाला होगा ॥15॥
From today onwards these two things will be popular in this world, and their donation on all occasions of virtue will yield excellent and everlasting fruits. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥