vedamrit
Reset
Home
प्रमुख ग्रंथ
भगवद गीता
श्रीमद् रामायण
श्रीमद् भागवतम
श्री महाभारत
श्री रामचरितमानस
श्रीमद् विष्णु पुराण
श्रीचैतन्य भागवत
श्रीचैतन्य चरितामृत
भक्तिरसामृतसिन्धु
वैष्णव भजन, इस्कॉन आरती
Articles
Apps
About
श्री महाभारत
»
पर्व 13: अनुशासन पर्व
»
अध्याय 98: छत्र और उपानहकी उत्पत्ति एवं दानकी प्रशंसा
»
श्लोक 1
श्लोक
13.98.1
युधिष्ठिर उवाच
एवं प्रयाचति तथा भास्करे मुनिसत्तम:।
जमदग्निर्महातेजा: किं कार्यं प्रत्यपद्यत॥ १॥
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा- पितामह! जब सूर्यदेव इस प्रकार विनती कर रहे थे, उस समय महाबली ऋषि जमदग्नि ने क्या किया?॥1॥
Yudhishthira asked- Grandfather! When the Sun God was pleading in this manner, what did the mighty sage Jamadagni do at that time?॥ 1॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
© 2023 vedamrit.in - All Rights Reserved. Developed by ACd
Download SongBook App
Install
×