श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 98: छत्र और उपानहकी उत्पत्ति एवं दानकी प्रशंसा  »  श्लोक 1
 
 
श्लोक  13.98.1 
युधिष्ठिर उवाच
एवं प्रयाचति तथा भास्करे मुनिसत्तम:।
जमदग्निर्महातेजा: किं कार्यं प्रत्यपद्यत॥ १॥
 
 
अनुवाद
युधिष्ठिर ने पूछा- पितामह! जब सूर्यदेव इस प्रकार विनती कर रहे थे, उस समय महाबली ऋषि जमदग्नि ने क्या किया?॥1॥
 
Yudhishthira asked- Grandfather! When the Sun God was pleading in this manner, what did the mighty sage Jamadagni do at that time?॥ 1॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)