Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.97.12-13h: काली आँखों वाली वह शुभ देवी कुछ देर तक एक स्थान पर रुकी रही और फिर अपने पति के शाप के भय से पुनः उन बाणों को लाने के लिए चली गई। | mahabharat अध्याय 13.97: छत्र और उपानहकी उत्पत्ति एवं दानविषयक युधिष्ठिरका प्रश्न तथा सूर्यकी प्रचण्ड धूपसे रेणुकाका मस्तक और पैरोंके संतप्त होनेपर जमदग्निका सूर्यपर कुपित होना और विप्ररूपधारी सूर्यसे वार्तालाप । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
काली आँखों वाली वह शुभ देवी कुछ देर तक एक स्थान पर रुकी रही और फिर अपने पति के शाप के भय से पुनः उन बाणों को लाने के लिए चली गई।
That auspicious goddess with black eyes stopped at one place for a while and then, fearing her husband's curse, went again to fetch those arrows. 12 1/2
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥