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mahabharat 13.96.8: राजा! कुछ ऋषिगण वहाँ कमल के फूल खोदने लगे। कुछ ब्राह्मण कमल तोड़ने लगे। इसी बीच, अगस्त्य द्वारा तालाब से तोड़े गए सभी कमल अचानक गायब हो गए। यह सबने देखा।   |   mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना  »  श्लोक 8
 
 
श्लोक  13.96.8 
केचिद् बिसान्यखनंस्तत्र राज-
न्नन्ये मृणालान्यखनंस्तत्र विप्रा:।
अथापश्यन् पुष्करं ते ह्रियन्तं
ह्रदादगस्त्येन समुद्‍धृतं तत्॥ ८॥
 
 
अनुवाद
राजा! कुछ ऋषिगण वहाँ कमल के फूल खोदने लगे। कुछ ब्राह्मण कमल तोड़ने लगे। इसी बीच, अगस्त्य द्वारा तालाब से तोड़े गए सभी कमल अचानक गायब हो गए। यह सबने देखा।
 
King! Some sages started digging lotus flowers there. Some Brahmins started plucking lotuses. In the meantime, all the lotus flowers that Agastya had plucked from the pond suddenly disappeared. Everyone saw this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)