Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.7: इस प्रकार पवित्र तीर्थस्थानों में स्नान करके अपने पापों को धोकर वे ऋषिगण उस स्थान से परम पवित्र ब्रह्मसर तीर्थ को गए। वहाँ अग्नि के समान तेजस्वी उन ऋषियों ने जल में स्नान किया और कमल पुष्पों का सेवन किया। 7॥ | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
इस प्रकार पवित्र तीर्थस्थानों में स्नान करके अपने पापों को धोकर वे ऋषिगण उस स्थान से परम पवित्र ब्रह्मसर तीर्थ को गए। वहाँ अग्नि के समान तेजस्वी उन ऋषियों ने जल में स्नान किया और कमल पुष्पों का सेवन किया। 7॥
Thus, after washing away their sins by bathing in the holy places of pilgrimage, the sages went from that place to the most sacred Brahmasar Tirtha. Those sages who were as bright as fire took bath in the water there and ate lotus flowers. 7॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥