Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.51: तत्पश्चात् वे सब लोग पुनः वनमार्ग से तीर्थयात्रा पर चल पड़े और तीर्थस्थानों का दर्शन करके वहाँ डुबकी लगाकर स्नान करने लगे॥51॥ | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
प्रययुस्ते ततो भूयस्तीर्थानि वनगोचरा:।
पुण्येषु तीर्थेषु तथा गात्राण्याप्लावयन्त ते॥ ५१॥
अनुवाद
तत्पश्चात् वे सब लोग पुनः वनमार्ग से तीर्थयात्रा पर चल पड़े और तीर्थस्थानों का दर्शन करके वहाँ डुबकी लगाकर स्नान करने लगे॥51॥
After that, all those people started their pilgrimage again through the forest routes and after visiting the sacred places, they took a dip and took bath. 51॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥