Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.39: बालखिल्य बोले - जिसने आपका करकमल ग्रहण किया है, उसे अपनी जीविका के लिए गांव के द्वार पर एक पैर पर खड़ा रहना चाहिए तथा धर्म को जानकर भी उसे त्याग देना चाहिए। | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बालखिल्य बोले - जिसने आपका करकमल ग्रहण किया है, उसे अपनी जीविका के लिए गांव के द्वार पर एक पैर पर खड़ा रहना चाहिए तथा धर्म को जानकर भी उसे त्याग देना चाहिए।
Balakhilya said - The one who has taken your lotus should stand on one leg at the door of the village for his livelihood and should abandon it even after knowing the Dharma.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥