Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.32: कवि ने कहा: जिसने आपका कमल ग्रहण किया है, वह गाय को लात मारने, सूर्य की ओर मुख करके मूत्र त्याग करने तथा शरणागत को त्यागने के पापों का दोषी होगा ॥ 32॥ | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
कविरुवाच
पद्भ्यां स गां ताडयतु सूर्यं च प्रतिमेहतु।
शरणागतं संत्यजतु यस्ते हरति पुष्करम्॥ ३२॥
अनुवाद
कवि ने कहा: जिसने आपका कमल ग्रहण किया है, वह गाय को लात मारने, सूर्य की ओर मुख करके मूत्र त्याग करने तथा शरणागत को त्यागने के पापों का दोषी होगा ॥ 32॥
The poet said: Whoever has taken your lotus will be guilty of the sins of kicking a cow, urinating facing the Sun and abandoning one who has sought refuge. ॥ 32॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥