Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.26: शिबि बोले, 'जिसने आपके कमल चुराए हैं, वह अग्निहोत्र किए बिना ही मर जाए, यज्ञ में विघ्न उत्पन्न करे और तपस्वियों से कलह करे, अर्थात् इन सब पापों का फल उसे भोगना चाहिए॥ 26॥ | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
शिबि बोले, 'जिसने आपके कमल चुराए हैं, वह अग्निहोत्र किए बिना ही मर जाए, यज्ञ में विघ्न उत्पन्न करे और तपस्वियों से कलह करे, अर्थात् इन सब पापों का फल उसे भोगना चाहिए॥ 26॥
Shibi said, 'The one who has stolen your lotus should die without performing Agnihotra, should create obstacles in the sacrifice and should quarrel with ascetics, i.e. he should share the fruits of all these sins.॥ 26॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥