Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.25: जमदग्नि ने कहा, "जिसने आपका करकमल ग्रहण किया है, उसे निषिद्ध समय में अध्ययन करना चाहिए। उसे श्राद्ध में अपने मित्र को भोजन कराना चाहिए तथा शूद्र के श्राद्ध में स्वयं भी भोजन करना चाहिए।" | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जमदग्नि ने कहा, "जिसने आपका करकमल ग्रहण किया है, उसे निषिद्ध समय में अध्ययन करना चाहिए। उसे श्राद्ध में अपने मित्र को भोजन कराना चाहिए तथा शूद्र के श्राद्ध में स्वयं भी भोजन करना चाहिए।"
Jamadagni said, "He who has taken your lotus should study during the forbidden time. He should feed his friend in the Shraddha and he himself should also eat in the Shraddha of a Shudra.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥