Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.17: वशिष्ठ बोले, "जिसने आपका कमल चुराया है, उसे स्वाध्याय से विमुख हो जाना चाहिए। उसे कुत्ते के साथ शिकार खेलना चाहिए और गांव-गांव घूमकर भिक्षा मांगनी चाहिए।" | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
वसिष्ठ उवाच
अस्वाध्यायपरो लोके श्वानं च परिकर्षतु।
पुरे च भिक्षुर्भवतु यस्ते हरति पुष्करम्॥ १७॥
अनुवाद
वशिष्ठ बोले, "जिसने आपका कमल चुराया है, उसे स्वाध्याय से विमुख हो जाना चाहिए। उसे कुत्ते के साथ शिकार खेलना चाहिए और गांव-गांव घूमकर भिक्षा मांगनी चाहिए।"
Vasishtha said, "The one who has stolen your lotus should turn away from self-study. He should hunt with a dog and wander from village to village begging."
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥