Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.96.11: इससे पहले कि ब्राह्मण लोग गाँव में जोर-जोर से वेदों का पाठ करने लगें और शूद्रों को उन्हें सुनने के लिए कहने लगें और इससे पहले कि राजा लोग धर्म को व्यापारिक दृष्टि से देखने लगें, मुझे परलोक चले जाना चाहिए॥11॥ | mahabharat अध्याय 13.96: ब्रह्मसरतीर्थमें अगस्त्यजीके कमलोंकी चोरी होनेपर ब्रह्मर्षियों और राजर्षियोंकी धर्मोपदेशपूर्ण शपथ तथा धर्मज्ञानके उद्देश्यसे चुराये हुए कमलोंका वापस देना । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पुरा वेदान् ब्राह्मणा ग्राममध्ये
घुष्टस्वरा वृषलान् श्रावयन्ति।
पुरा राजा व्यवहारेण धर्मान्
पश्यत्यहं परलोकं व्रजामि॥ ११॥
अनुवाद
इससे पहले कि ब्राह्मण लोग गाँव में जोर-जोर से वेदों का पाठ करने लगें और शूद्रों को उन्हें सुनने के लिए कहने लगें और इससे पहले कि राजा लोग धर्म को व्यापारिक दृष्टि से देखने लगें, मुझे परलोक चले जाना चाहिए॥11॥
I should go to the next world before the Brahmins start reciting the Vedas loudly in the village and tell the Shudras to listen to them and before the kings start looking at religion from a commercial perspective.॥ 11॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥