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श्लोक 13.95.94  |
जमदग्निरुवाच
जाजमद्यजजानेऽहं जिजाहीह जिजायिषि।
जमदग्निरिति ख्यातस्ततो मां विद्धि शोभने॥ ९४॥ |
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| अनुवाद |
| जमदग्नि बोले - कल्याणी ! मैं जगत् की अग्नि से अर्थात् देवताओं द्वारा आहूत अग्नि से उत्पन्न हुआ हूँ, अतः तुम मुझे जमदग्नि नाम से प्रसिद्ध मानो ॥94॥ |
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| Jamdagni said – Kalyani! I am born from the fire of the world i.e. the fire called by the gods, hence you should consider me famous by the name Jamadagni. 94॥ |
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