| श्री महाभारत » पर्व 13: अनुशासन पर्व » अध्याय 95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत » श्लोक 29 |
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| | | | श्लोक 13.95.29  | कुलंभराननडुह: शतं शतान्
धुर्यान् श्वेतान् सर्वशोऽहं ददामि।
प्रष्ठौहीनां पीवराणां च ताव-
दग्रॺा गृष्टॺो धेनव: सुव्रताश्च॥ २९॥ | | | | | | अनुवाद | | इसके अतिरिक्त मैं तुम सबको दस हजार भारवाहक श्वेत बैल भी दे रहा हूँ, जो एक परिवार का भार वहन कर सकते हैं। इतना ही नहीं, मैं तुम सबको जवान, मोटी, ताजा, पहली बार ब्याने वाली, अच्छे स्वभाव वाली और दूध देने वाली गायें भी दे रहा हूँ॥ 29॥ | | | | Besides this I am also giving all of you ten thousand load carrying white bulls which can carry the load of a family. Not only this, I am also giving all of you young, fat, fresh, first time calving, good natured and milk giving cows.॥ 29॥ | | ✨ ai-generated | | |
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