Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.95.137-139: हे तपस्वियों! राजा वृषदर्भि ने इसे भेजा था, किन्तु यह मेरे द्वारा मारा गया। हे ब्राह्मणों! मैंने सोचा कि अग्नि से उत्पन्न यह दुष्ट और पापी प्राणी तुम सबको हानि पहुँचाएगा, इसलिए मैं यहाँ आया हूँ। तुम सब मुझे इन्द्र के समान मानो। तुमने लोभ का त्याग कर दिया है, इसलिए तुम उन अक्षय लोकों को प्राप्त हुए हो, जो समस्त कामनाओं को पूर्ण करते हैं। अतः हे ब्राह्मणों! अब तुम सब यहाँ से उठकर शीघ्रता से उन लोकों में प्रवेश करो। 137-139। | mahabharat अध्याय 13.95: गृहस्थके धर्मोंका रहस्य, प्रतिग्रहके दोष बतानेके लिये वृषादर्भि और सप्तर्षियोंकी कथा, भिक्षुरूपधारी इन्द्रके द्वारा कृत्याका वध करके सप्तर्षियोंकी रक्षा तथा कमलोंकी चोरीके विषयमें शपथ खानेके बहानेसे धर्मपालनका संकेत । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
हे तपस्वियों! राजा वृषदर्भि ने इसे भेजा था, किन्तु यह मेरे द्वारा मारा गया। हे ब्राह्मणों! मैंने सोचा कि अग्नि से उत्पन्न यह दुष्ट और पापी प्राणी तुम सबको हानि पहुँचाएगा, इसलिए मैं यहाँ आया हूँ। तुम सब मुझे इन्द्र के समान मानो। तुमने लोभ का त्याग कर दिया है, इसलिए तुम उन अक्षय लोकों को प्राप्त हुए हो, जो समस्त कामनाओं को पूर्ण करते हैं। अतः हे ब्राह्मणों! अब तुम सब यहाँ से उठकर शीघ्रता से उन लोकों में प्रवेश करो। 137-139।
O ascetics! King Vrishadharbhi had sent it, but it was killed by me. O Brahmins! I thought that this evil and sinful creature born from fire might harm you all; therefore I came here. You all should consider me as Indra. Because you have given up greed, you have attained those Akshaya Lokas, which grant all desires. Therefore, O Brahmins! Now you all should get up from here and quickly enter those Lokas. 137-139.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥