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श्लोक 13.94.9  |
इति तेषां वच: श्रुत्वा स्वयम्भूरिदमब्रवीत्।
एष मे पार्श्वतो वह्निर्युष्मच्छ्रेयोऽभिधास्यति॥ ९॥ |
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| अनुवाद |
| पितरों की यह बात सुनकर स्वयंभू ब्रह्माजी ने इस प्रकार कहा - 'देवताओं! ये अग्निदेव मेरे निकट विराजमान हैं। ये तुम्हारा कल्याण बताएँगे।'॥9॥ |
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| On hearing this from the Pitris, Swayambhu Brahmaji said thus - 'Gods! This Agnidev is sitting near me. He will tell you about your welfare.'॥ 9॥ |
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