Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.93.45: पूर्वकाल में अपने वंशज निमि ऋषि को श्राद्ध के विषय में यह उपदेश देकर महातपस्वी भगवान अत्रि भगवान ब्रह्मा की दिव्य सभा में गए ॥ 45॥ | mahabharat अध्याय 13.93: शोकातुर निमिका पुत्रके निमित्त पिण्डदान तथा श्राद्धके विषयमें निमिको महर्षि अत्रिका उपदेश, विश्वेदेवोंके नाम एवं श्राद्धमें त्याज्य वस्तुओंका वर्णन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
पूर्वकाल में अपने वंशज निमि ऋषि को श्राद्ध के विषय में यह उपदेश देकर महातपस्वी भगवान अत्रि भगवान ब्रह्मा की दिव्य सभा में गए ॥ 45॥
In the past, after giving this advice to his descendant Nimi Rishi regarding Shraddha, the great ascetic Lord Atri went to the divine assembly of Lord Brahma. ॥ 45॥
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि श्राद्धकल्पे एकनवतितमोऽध्याय:॥ ९१॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें श्राद्धकल्पविषयक इक्यानबेवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ९१॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥