Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.92.52-53: राजन! जो लोग बात-बात में ब्राह्मणों की निंदा करते हैं, उन्हें श्राद्ध में भोजन नहीं कराना चाहिए। नरेश्वर! वानप्रस्थ मुनियों से सुना है कि ‘जब ब्राह्मणों की निंदा की जाती है, तो वे निंदा करने वाले की तीन पीढ़ियों का नाश कर देते हैं।’ वेदों के ज्ञाता ब्राह्मणों की दूर से ही परीक्षा करनी चाहिए। 52-53॥   |   mahabharat अध्याय 13.92: श्राद्धमें ब्राह्मणोंकी परीक्षा, पंक्तिदूषक और पंक्तिपावन ब्राह्मणोंका वर्णन, श्राद्धमें लाख मूर्ख ब्राह्मणोंको भोजन करानेकी अपेक्षा एक वेदवेत्ताको भोजन करानेकी श्रेष्ठताका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 92: श्राद्धमें ब्राह्मणोंकी परीक्षा, पंक्तिदूषक और पंक्तिपावन ब्राह्मणोंका वर्णन, श्राद्धमें लाख मूर्ख ब्राह्मणोंको भोजन करानेकी अपेक्षा एक वेदवेत्ताको भोजन करानेकी श्रेष्ठताका कथन  »  श्लोक 52-53
 
 
श्लोक  13.92.52-53 
ये तु निन्दन्ति जल्पेषु न ताञ्छ्राद्धेषु भोजयेत्।
ब्राह्मणा निन्दिता राजन् हन्युस्त्रैपुरुषं कुलम्॥ ५२॥
वैखानसानां वचनमृषीणां श्रूयते नृप।
दूरादेव परीक्षेत ब्राह्मणान् वेदपारगान्॥ ५३॥
 
 
अनुवाद
राजन! जो लोग बात-बात में ब्राह्मणों की निंदा करते हैं, उन्हें श्राद्ध में भोजन नहीं कराना चाहिए। नरेश्वर! वानप्रस्थ मुनियों से सुना है कि ‘जब ब्राह्मणों की निंदा की जाती है, तो वे निंदा करने वाले की तीन पीढ़ियों का नाश कर देते हैं।’ वेदों के ज्ञाता ब्राह्मणों की दूर से ही परीक्षा करनी चाहिए। 52-53॥
 
Rajan! Those who criticize Brahmins in conversation should not be offered food during Shraddha. Nareshwar! It is heard from Vanaprastha sages that 'When Brahmins are criticized, they destroy three generations of the one who criticizes.' Brahmins who are experts in Vedas should be examined from a distance. 52-53॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)