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mahabharat 13.92.5: ब्राह्मणों में कुछ वंश प्रदूषक और कुछ वंश शुद्धि करने वाले होते हैं। हे राजन! मैं पहले वंश प्रदूषक ब्राह्मणों का वर्णन करूँगा, सुनो।   |   mahabharat अध्याय 13.92: श्राद्धमें ब्राह्मणोंकी परीक्षा, पंक्तिदूषक और पंक्तिपावन ब्राह्मणोंका वर्णन, श्राद्धमें लाख मूर्ख ब्राह्मणोंको भोजन करानेकी अपेक्षा एक वेदवेत्ताको भोजन करानेकी श्रेष्ठताका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 92: श्राद्धमें ब्राह्मणोंकी परीक्षा, पंक्तिदूषक और पंक्तिपावन ब्राह्मणोंका वर्णन, श्राद्धमें लाख मूर्ख ब्राह्मणोंको भोजन करानेकी अपेक्षा एक वेदवेत्ताको भोजन करानेकी श्रेष्ठताका कथन  »  श्लोक 5
 
 
श्लोक  13.92.5 
तेषामन्ये पंक्तिदूषास्तथान्ये पंक्तिपावना:।
अपांक्तेयास्तु ये राजन् कीर्तयिष्यामि तान् शृणु॥ ५॥
 
 
अनुवाद
ब्राह्मणों में कुछ वंश प्रदूषक और कुछ वंश शुद्धि करने वाले होते हैं। हे राजन! मैं पहले वंश प्रदूषक ब्राह्मणों का वर्णन करूँगा, सुनो।
 
Among the Brahmins some are line polluters and some are line purifiers. O King! I will first describe the line polluters Brahmins, listen. 5.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)