Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.92.20: जो मनुष्य नकारात्मक भाव से दान देता है और जो श्राद्ध किए बिना दान देता है, ब्रह्माजी ने उस समस्त दान को दैत्यराज बलि का भागी बताया है। | mahabharat अध्याय 13.92: श्राद्धमें ब्राह्मणोंकी परीक्षा, पंक्तिदूषक और पंक्तिपावन ब्राह्मणोंका वर्णन, श्राद्धमें लाख मूर्ख ब्राह्मणोंको भोजन करानेकी अपेक्षा एक वेदवेत्ताको भोजन करानेकी श्रेष्ठताका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य नकारात्मक भाव से दान देता है और जो श्राद्ध किए बिना दान देता है, ब्रह्माजी ने उस समस्त दान को दैत्यराज बलि का भागी बताया है।
One who gives charity with a negative attitude and one who gives without performing Shraddha, Brahmaji has designated all that charity as the fate of the demon king Bali. 20.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥