Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.92.15: जो स्त्री अपने पति को छोड़कर दूसरे पति को ले चुकी हो, उसके पुत्र को श्राद्ध में दिया गया भोजन भस्म मिले हुए तर्पण के समान व्यर्थ है। जो लोग धर्म और चरित्र से रहित ब्राह्मण को तर्पण करते हैं, उनका तर्पण परलोक में नष्ट हो जाता है। ॥15॥ | mahabharat अध्याय 13.92: श्राद्धमें ब्राह्मणोंकी परीक्षा, पंक्तिदूषक और पंक्तिपावन ब्राह्मणोंका वर्णन, श्राद्धमें लाख मूर्ख ब्राह्मणोंको भोजन करानेकी अपेक्षा एक वेदवेत्ताको भोजन करानेकी श्रेष्ठताका कथन । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भस्मनीव हुतं हव्यं तथा पौनर्भवे द्विजे।
ये तु धर्मव्यपेतेषु चारित्रापगतेषु च।
हव्यं कव्यं प्रयच्छन्ति तेषां तत् प्रेत्य नश्यति॥ १५॥
अनुवाद
जो स्त्री अपने पति को छोड़कर दूसरे पति को ले चुकी हो, उसके पुत्र को श्राद्ध में दिया गया भोजन भस्म मिले हुए तर्पण के समान व्यर्थ है। जो लोग धर्म और चरित्र से रहित ब्राह्मण को तर्पण करते हैं, उनका तर्पण परलोक में नष्ट हो जाता है। ॥15॥
The offering of food in the Shraddha ceremony given to the son of a woman who has left her husband and taken another husband is as futile as the offerings mixed with ashes. The offerings of those who offer oblations to a Brahmin who is devoid of religion and character, are destroyed in the next world. ॥15॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥