Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.92.12-13h: जो ब्राह्मण श्राद्ध का भोजन करके उस दिन वेद पढ़ता है और वृषाली स्त्री के साथ समागम करता है, उसके पितर उस दिन से एक महीने तक उसके मल में सोते हैं।   |   mahabharat अध्याय 13.92: श्राद्धमें ब्राह्मणोंकी परीक्षा, पंक्तिदूषक और पंक्तिपावन ब्राह्मणोंका वर्णन, श्राद्धमें लाख मूर्ख ब्राह्मणोंको भोजन करानेकी अपेक्षा एक वेदवेत्ताको भोजन करानेकी श्रेष्ठताका कथन   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 92: श्राद्धमें ब्राह्मणोंकी परीक्षा, पंक्तिदूषक और पंक्तिपावन ब्राह्मणोंका वर्णन, श्राद्धमें लाख मूर्ख ब्राह्मणोंको भोजन करानेकी अपेक्षा एक वेदवेत्ताको भोजन करानेकी श्रेष्ठताका कथन  »  श्लोक 12-13h
 
 
श्लोक  13.92.12-13h 
श्राद्धं भुक्त्वा त्वधीयीत वृषलीतल्पगश्च य:॥ १२॥
पुरीषे तस्य ते मासं पितरस्तस्य शेरते।
 
 
अनुवाद
जो ब्राह्मण श्राद्ध का भोजन करके उस दिन वेद पढ़ता है और वृषाली स्त्री के साथ समागम करता है, उसके पितर उस दिन से एक महीने तक उसके मल में सोते हैं।
 
A Brahmin who, after eating the Shraddha meal, reads the Vedas on that day and has intercourse with a Vrishali woman, his forefathers sleep in her feces from that day onwards for a month. 12 1/2.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)