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mahabharat 13.91.3: संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले को रोहिणी नक्षत्र में तथा यश की इच्छा रखने वाले को मृगशिरा नक्षत्र में श्राद्ध करना चाहिए। आर्द्रा नक्षत्र में श्राद्ध दान करने वाला व्यक्ति क्रूर होता है (अतः आर्द्रा नक्षत्र में श्राद्ध नहीं करना चाहिए)।   |   mahabharat अध्याय 13.91: विभिन्न नक्षत्रोंमें श्राद्ध करनेका फल   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 91: विभिन्न नक्षत्रोंमें श्राद्ध करनेका फल  »  श्लोक 3
 
 
श्लोक  13.91.3 
अपत्यकामो रोहिण्यां तेजस्कामो मृगोत्तमे।
क्रूरकर्मा ददच्छ्राद्धमार्द्रायां मानवो भवेत्॥ ३॥
 
 
अनुवाद
संतान प्राप्ति की इच्छा रखने वाले को रोहिणी नक्षत्र में तथा यश की इच्छा रखने वाले को मृगशिरा नक्षत्र में श्राद्ध करना चाहिए। आर्द्रा नक्षत्र में श्राद्ध दान करने वाला व्यक्ति क्रूर होता है (अतः आर्द्रा नक्षत्र में श्राद्ध नहीं करना चाहिए)।
 
A person desirous of having a child should perform Shraddha in Rohini and a person desirous of fame should perform Shraddha in Mrigashira Nakshatra. A person who donates Shraddha in Ardra Nakshatra is a cruel person (therefore Shraddha should not be performed in Ardra Nakshatra). 3॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)