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इस श्राद्धकर्म को सुनकर राजा शशबिन्दु ने वैसा ही किया और बिना किसी कष्ट के पृथ्वी को जीत लिया तथा उसका शासन अपने हाथ में ले लिया॥15॥
After listening to this ritual of Shraddha, King Shashabindu did the same. He conquered the earth without any pain and took its rule in his hands.॥ 15॥
इति श्रीमहाभारते अनुशासनपर्वणि दानधर्मपर्वणि श्राद्धकल्पे एकोननवतितमोऽध्याय:॥ ८९॥
इस प्रकार श्रीमहाभारत अनुशासनपर्वके अन्तर्गत दानधर्मपर्वमें श्राद्धकल्पविषयक नवासीवाँ अध्याय पूरा हुआ॥ ८९॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥