Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.91.14: जो मनुष्य श्राद्ध में रेवती का आश्रय लेता है (अर्थात् रेवती में श्राद्ध करता है) उसे स्वर्ण-रजत के अतिरिक्त अनेक प्रकार की सम्पत्तियाँ प्राप्त होती हैं। अश्विनी में घोड़ों का श्राद्ध करने से तथा भरणी में श्राद्ध करने से उत्तम आयु प्राप्त होती है। 14॥ | mahabharat अध्याय 13.91: विभिन्न नक्षत्रोंमें श्राद्ध करनेका फल । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
जो मनुष्य श्राद्ध में रेवती का आश्रय लेता है (अर्थात् रेवती में श्राद्ध करता है) उसे स्वर्ण-रजत के अतिरिक्त अनेक प्रकार की सम्पत्तियाँ प्राप्त होती हैं। अश्विनी में घोड़ों का श्राद्ध करने से तथा भरणी में श्राद्ध करने से उत्तम आयु प्राप्त होती है। 14॥
A man who takes shelter of Revati in Shraddha (i.e. performs Shraddha in Revati) gets various types of wealth apart from gold and silver. By performing Shraddha for horses in Ashwini and performing Shraddha in Bharani, one attains good age. 14॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥