श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 90: श्राद्धमें पितरोंके तृप्तिविषयका वर्णन  »  श्लोक 4
 
 
श्लोक  13.90.4 
वर्धमानतिलं श्राद्धमक्षयं मनुरब्रवीत्।
सर्वेष्वेव तु भोज्येषु तिला: प्राधान्यत: स्मृता:॥ ४॥
 
 
अनुवाद
मनुजी कहते हैं कि जिस श्राद्ध में तिलों की मात्रा अधिक होती है, वह अक्षय होता है। श्राद्ध से संबंधित सभी खाद्य पदार्थों में तिलों का उपयोग मुख्य सामग्री के रूप में बताया गया है।॥4॥
 
Manuji says that the Shraddha in which there is more quantity of sesame seeds is Akshaya. The use of sesame seeds is mentioned as the main ingredient in all the food items related to Shraddha.॥ 4॥
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