Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.9.7: धार्मिक ग्रंथों के विद्वान भी कहते हैं कि जो मनुष्य अपनी प्रतिज्ञा भंग करने का पाप करता है, वह एक हजार काले कान वाले घोड़ों का दान करने से उस पाप से मुक्त हो जाता है। | mahabharat अध्याय 13.9: ब्राह्मणको देनेकी प्रतिज्ञा करके न देने तथा उसके धनका अपहरण करनेसे दोषकी प्राप्तिके विषयमें सियार और वानरके संवादका उल्लेख एवं ब्राह्मणोंको दान देनेकी महिमा । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
अपि चोदाहरन्तीमं धर्मशास्त्रविदो जना:।
अश्वानां श्यामकर्णानां सहस्रेण स मुच्यते॥ ७॥
अनुवाद
धार्मिक ग्रंथों के विद्वान भी कहते हैं कि जो मनुष्य अपनी प्रतिज्ञा भंग करने का पाप करता है, वह एक हजार काले कान वाले घोड़ों का दान करने से उस पाप से मुक्त हो जाता है।
The learned scholars of religious texts also say that a man who commits the sin of breaking his promise is freed from that sin by donating one thousand black-eared horses.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥