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श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 89: विविध तिथियोंमें श्राद्ध करनेका फल  »  श्लोक 7
 
 
श्लोक  13.89.7 
सर्वेष्वह:सु प्रीयन्ते कृते श्राद्धे पितामहा:।
प्रवक्ष्यामि तु ते सर्वांस्तिथ्यातिथ्यगुणागुणान्॥ ७॥
 
 
अनुवाद
यदि सभी तिथियों में श्राद्ध किया जाए तो पितर प्रसन्न रहते हैं। अब मैं तिथि और अतिथि के सभी गुणों का वर्णन करूँगा। 7.
 
The ancestors remain happy if Shraddha is performed on all days. Now I will describe all the qualities of the date and the guest. 7.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)