Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.88.5: भीष्म बोले, "राजन्! जब गंगा ने अग्नि द्वारा स्थापित गर्भ को त्याग दिया, तब देवताओं और ऋषियों द्वारा किया गया कार्य नष्ट-सा हो गया। उस अवस्था में उन्होंने गर्भ के पोषण के लिए छह कृत्तिकाओं को प्रेरित किया।" | mahabharat अध्याय 13.88: कार्तिकेयकी उत्पत्ति, पालन-पोषण और उनका देवसेनापति-पदपर अभिषेक, उनके द्वारा तारकासुरका वध । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
भीष्म उवाच
विपन्नकृत्या राजेन्द्र देवता ऋषयस्तथा।
कृत्तिकाश्चोदयामासुरपत्यभरणाय वै॥ ५॥
अनुवाद
भीष्म बोले, "राजन्! जब गंगा ने अग्नि द्वारा स्थापित गर्भ को त्याग दिया, तब देवताओं और ऋषियों द्वारा किया गया कार्य नष्ट-सा हो गया। उस अवस्था में उन्होंने गर्भ के पोषण के लिए छह कृत्तिकाओं को प्रेरित किया।"
Bhishma said, "King! When Ganga abandoned the womb established by fire, the work done by the gods and sages was almost ruined. In that condition, they inspired the six Krittikas to nourish the womb. 5.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥