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mahabharat 13.88.4: कुरुवंश का भार वहन करने वाले पितामह! मैं ताड़का वध का सम्पूर्ण वृत्तांत आपके मुख से सुनना चाहता हूँ। मुझे इस विषय में बड़ी जिज्ञासा है।   |   mahabharat अध्याय 13.88: कार्तिकेयकी उत्पत्ति, पालन-पोषण और उनका देवसेनापति-पदपर अभिषेक, उनके द्वारा तारकासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.88.4 
एतदिच्छाम्यहं श्रोतुं त्वत्त: कुरुकुलोद्वह।
कात्‍स्‍न्‍‍‍र्येन तारकवधं परं कौतूहलं हि मे॥ ४॥
 
 
अनुवाद
कुरुवंश का भार वहन करने वाले पितामह! मैं ताड़का वध का सम्पूर्ण वृत्तांत आपके मुख से सुनना चाहता हूँ। मुझे इस विषय में बड़ी जिज्ञासा है।
 
Grandfather who bears the burden of the Kuru clan! I want to hear the entire story of Taraka's killing from your mouth. I am very curious about this.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)