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स सेनापतिरेवाथ बभौ स्कन्द: प्रतापवान्।
ईशो गोप्ता च देवानां प्रियकृच्छङ्करस्य च॥ ३१॥
अनुवाद
महाबली स्कन्द सेनापति पद पर आसीन होकर अत्यंत प्रतापी हो गए। वे देवताओं के देव तथा रक्षक थे तथा सदैव भगवान शंकर का कल्याण करते थे। 31.
The mighty Skanda became very glorious by being in the position of a commander. He was the god and protector of the gods and always used to do good to Lord Shankar. 31.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥