Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.88.26-27: बहुत से राक्षस और असुर उस बलवान राजकुमार के पीछे चले आये। उन्हें बढ़ता देख तारकासुर ने उन्हें युद्ध के लिए ललकारा; किन्तु बहुत प्रयत्न करने पर भी वह बलवान राजकुमार को मारने में सफल न हुआ॥26-27॥ | mahabharat अध्याय 13.88: कार्तिकेयकी उत्पत्ति, पालन-पोषण और उनका देवसेनापति-पदपर अभिषेक, उनके द्वारा तारकासुरका वध । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
बहुत से राक्षस और असुर उस बलवान राजकुमार के पीछे चले आये। उन्हें बढ़ता देख तारकासुर ने उन्हें युद्ध के लिए ललकारा; किन्तु बहुत प्रयत्न करने पर भी वह बलवान राजकुमार को मारने में सफल न हुआ॥26-27॥
A large number of demons and asuras followed the powerful prince. Seeing them growing, Tarakasur challenged them to a fight; but in spite of many efforts he was not successful in killing the powerful prince.॥26-27॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥