Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.88.25-26h: वरुण ने वरुणलोक से अनेक सुंदर एवं दिव्य हाथी दिए। देवराज इंद्र ने सिंह, बाघ, हाथी, विविध पक्षी, अनेक भयंकर हिंसक पशु तथा विविध प्रकार के छत्र प्रदान किए।   |   mahabharat अध्याय 13.88: कार्तिकेयकी उत्पत्ति, पालन-पोषण और उनका देवसेनापति-पदपर अभिषेक, उनके द्वारा तारकासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 88: कार्तिकेयकी उत्पत्ति, पालन-पोषण और उनका देवसेनापति-पदपर अभिषेक, उनके द्वारा तारकासुरका वध  »  श्लोक 25-26h
 
 
श्लोक  13.88.25-26h 
वरुणो वारुणान् दिव्यान् सगजान् प्रददौ शुभान्।
सिंहान् सुरेन्द्रो व्याघ्रांश्च द्विपानन्यांश्च पक्षिण:॥ २५॥
श्वापदांश्च बहून् घोरांश्छत्राणि विविधानि च।
 
 
अनुवाद
वरुण ने वरुणलोक से अनेक सुंदर एवं दिव्य हाथी दिए। देवराज इंद्र ने सिंह, बाघ, हाथी, विविध पक्षी, अनेक भयंकर हिंसक पशु तथा विविध प्रकार के छत्र प्रदान किए।
 
Varuna gave many beautiful and divine elephants from Varunalok. Devraj Indra presented lions, tigers, elephants, various birds, many dangerous ferocious animals and various kinds of umbrellas.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)