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mahabharat 13.88.22: राक्षसों ने उन्हें दो जानवर उपहार में दिए - एक सुअर और एक भैंसा। गरुड़ के भाई अरुण ने उन्हें अग्नि के समान लाल एक मुर्गा भेंट किया।   |   mahabharat अध्याय 13.88: कार्तिकेयकी उत्पत्ति, पालन-पोषण और उनका देवसेनापति-पदपर अभिषेक, उनके द्वारा तारकासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.88.22 
राक्षसाश्च ददुस्तस्मै वराहमहिषावुभौ।
कुक्कुटं चाग्निसंकाशं प्रददावरुण: स्वयम्॥ २२॥
 
 
अनुवाद
राक्षसों ने उन्हें दो जानवर उपहार में दिए - एक सुअर और एक भैंसा। गरुड़ के भाई अरुण ने उन्हें अग्नि के समान लाल एक मुर्गा भेंट किया।
 
The demons gave him two animals as gifts - a pig and a buffalo. Garuda's brother Arun presented him with a cock as red as fire.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)