Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7
mahabharat 13.88.21: पक्षियों ने खेलते हुए बालक को खिलौने दिए; गरुड़ ने विचित्र पंखों से सुशोभित अपने पुत्र मोर को भेंट किया ॥21॥   |   mahabharat अध्याय 13.88: कार्तिकेयकी उत्पत्ति, पालन-पोषण और उनका देवसेनापति-पदपर अभिषेक, उनके द्वारा तारकासुरका वध   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 88: कार्तिकेयकी उत्पत्ति, पालन-पोषण और उनका देवसेनापति-पदपर अभिषेक, उनके द्वारा तारकासुरका वध  »  श्लोक 21
 
 
श्लोक  13.88.21 
क्रीडत: क्रीडनीयानि ददु: पक्षिगणाश्च ह।
सुपर्णोऽस्य ददौ पुत्रं मयूरं चित्रबर्हिणम्॥ २१॥
 
 
अनुवाद
पक्षियों ने खेलते हुए बालक को खिलौने दिए; गरुड़ ने विचित्र पंखों से सुशोभित अपने पुत्र मोर को भेंट किया ॥21॥
 
The birds gave toys to the child while he was playing; Garuda presented his son, the peacock, adorned with strange feathers. ॥ 21॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)