Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.87.83: इस प्रकार अग्नि से संतान रूप में स्वर्ण उत्पन्न हुआ। इनमें जम्बूनाद नामक स्वर्ण श्रेष्ठ है तथा देवताओं का आभूषण भी है। 83. | mahabharat अध्याय 13.87: ब्रह्माजीका देवताओंको आश्वासन, अग्निकी खोज, अग्निके द्वारा स्थापित किये हुए शिवके तेजसे संतप्त हो गंगाका उसे मेरुपर्वतपर छोड़ना, कार्तिकेय और सुवर्णकी उत्पत्ति, वरुणरूपधारी महादेवजीके यज्ञमें अग्निसे ही प्रजापतियों और सुवर्णका प्रादुर्भाव, कार्तिकेयद्वारा तारकासुरका वध । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
एवं सुवर्णमुत्पन्नमपत्यं जातवेदस:।
तत्र जाम्बूनदं श्रेष्ठं देवानामपि भूषणम्॥ ८३॥
अनुवाद
इस प्रकार अग्नि से संतान रूप में स्वर्ण उत्पन्न हुआ। इनमें जम्बूनाद नामक स्वर्ण श्रेष्ठ है तथा देवताओं का आभूषण भी है। 83.
In this way, gold was born from Agni in the form of offspring. Among them, the gold called Jamboonad is the best and it is also an ornament of the gods. 83.
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥