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श्री महाभारत  »  पर्व 13: अनुशासन पर्व  »  अध्याय 87: ब्रह्माजीका देवताओंको आश्वासन, अग्निकी खोज, अग्निके द्वारा स्थापित किये हुए शिवके तेजसे संतप्त हो गंगाका उसे मेरुपर्वतपर छोड़ना, कार्तिकेय और सुवर्णकी उत्पत्ति, वरुणरूपधारी महादेवजीके यज्ञमें अग्निसे ही प्रजापतियों और सुवर्णका प्रादुर्भाव, कार्तिकेयद्वारा तारकासुरका वध  »  श्लोक 151
 
 
श्लोक  13.87.151 
तस्मादग्निपरा: सर्वे देवता इति शुश्रुम।
ब्रह्मणो हि प्रभूतोऽग्निरग्नेरपि च काञ्चनम्॥ १५१॥
 
 
अनुवाद
अतः अग्नि सभी देवताओं में श्रेष्ठ है। यह हमने सुना है। ब्रह्मा से अग्नि उत्पन्न हुई और अग्नि से ही स्वर्ण उत्पन्न हुआ। 151.
 
Therefore, Agni is the best among all the gods. We have heard this. Agni originated from Brahma and gold originated from Agni. 151.
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)