Deprecated: str_replace(): Passing null to parameter #3 ($subject) of type array|string is deprecated in /var/www/3ba56740-d0e5-465a-99e5-33425b2f2eb0/vedamrit.in/bookscommon/sloka.php on line 7 mahabharat 13.87.132: ब्रह्मा के पुत्र, जो कवि हैं, वरुण भी कहलाते हैं। उनकी संख्या आठ है और वे सभी पुत्र के योग्य गुणों से युक्त हैं। वे शुभ लक्षणों वाले और ब्रह्मा के ज्ञाता माने जाते हैं॥132॥ | mahabharat अध्याय 13.87: ब्रह्माजीका देवताओंको आश्वासन, अग्निकी खोज, अग्निके द्वारा स्थापित किये हुए शिवके तेजसे संतप्त हो गंगाका उसे मेरुपर्वतपर छोड़ना, कार्तिकेय और सुवर्णकी उत्पत्ति, वरुणरूपधारी महादेवजीके यज्ञमें अग्निसे ही प्रजापतियों और सुवर्णका प्रादुर्भाव, कार्तिकेयद्वारा तारकासुरका वध । mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व । श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
ब्रह्मा के पुत्र, जो कवि हैं, वरुण भी कहलाते हैं। उनकी संख्या आठ है और वे सभी पुत्र के योग्य गुणों से युक्त हैं। वे शुभ लक्षणों वाले और ब्रह्मा के ज्ञाता माने जाते हैं॥132॥
The sons of Brahma, who are poets, are also called Varunas. They are eight in number and all are blessed with the qualities befitting a son. They are considered to be of auspicious characteristics and are knowledgeable about Brahma.॥ 132॥
समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥