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mahabharat 13.85.47: हे महात्मन! मैंने आपसे गौओं के परम पवित्र, परम पावन और परम उत्तम माहात्म्य के विषय में यह सब कहा है ॥ 47॥   |   mahabharat अध्याय 13.85: ब्रह्माजीका इन्द्रसे गोलोक और गौओंका उत्कर्ष बताना और गौओंको वरदान देना   ।   mahabharat पर्व 13: अनुशासन पर्व   ।   श्री महाभारत Sri Mahabharat | वेदामृत — Vedamrit | वैदिक ग्रंथों का संग्रह
 
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श्लोक  13.85.47 
एतत् ते सर्वमाख्यातं पावनं च महाद्युते।
पवित्रं परमं चापि गवां माहात्म्यमुत्तमम्॥ ४७॥
 
 
अनुवाद
हे महात्मन! मैंने आपसे गौओं के परम पवित्र, परम पावन और परम उत्तम माहात्म्य के विषय में यह सब कहा है ॥ 47॥
 
O great one! I have told you all this about the most sacred, most holy and most excellent significance of cows. ॥ 47॥
 
 समीक्षित और संदर्भानुकूल अनुवाद (Contextual Translation)